एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल का खतरा हैं (सोनिया का सच)
एक बार फिर लोकतंत्र पर आपातकाल मंडरा पड़ा है. राजमाता एंटोनिया सानिया माइनो (सोनिया गांधी) के सिपहसालारों ने कांग्रेसी गुण्डों, माफियाओं और लोकतंत्र के हत्यारों का आह्वान किया है कि वह देशभर में संघ कार्यालयों पर धावा बोल दे. इसका तत्काल प्रभाव हुआ और कांग्रेसी गुण्डों ने संघ के दिल्ली मुख्यालय पर धावा भी बोल दिया. ठीक वैसे ही जैसे इंदिरा गांधी की मौत के बाद सिखों को निशाना बनाया गया था. हिंसक और अलोकतातंत्रिक मानसिकता से...

मद्यनिषेद की करो तैयारी, आ रहे है श्रेष्ठ नर-नारी
मद्यनिषेद की करो तैयारी, आ रहे है श्रेष्ठ नर-नारीशराब बन्दी कब होगी...?भारतीय संविधान के आधार पर न्याय दिलाने वालों से अपेक्षा है कि राष्ट्रहित में मद्यनिषेद (शराब बन्दी) कानून का पालन करें।
भारतीय संविधान की धारा-47 में भारत में मादक पदार्थों को वर्जित माना हैं। फिर कैसे शराब का प्रचलन सरकार की ओर से किया जा रहा हैं, जो स्पष्टतः गैर कानूनी हैं, संविधान का उल्लंघन हैं।
जनता को पथभ्रष्ट करके और और उसके चरित्र को नरूट करके की गयी...

हम करें राष्ट्रनिर्माण
हमारे युवा वर्ग को विरासत में जो भारत मिलने वाला है उसकी छवि उत्साह वर्धक नहीं है। सन् 1947 में भारत और भारतवासी विदेश दास्ता से मुक्त हो गये। भारत के संविधान के अनुसार हम भारतवासी प्रभुता सम्पन्न गणराज्य के स्वतन्त्र नागरिक है। परन्तु विचारणीय यह है कि जिन कारणो ने हमें लगभग 1 हजार वर्षो तक गुलाम बनाये रखा था। क्या वे कारण खत्म हो गये है? जिन संकल्पो को लेकर हमने 90 वर्षो तक अनवरत् संघर्ष किया था क्या उन संकल्पो को हमने...

स्वामी रामदेव जी को Z+ सुरक्षा क्यों नही ? कांग्रेस का हाथ गद्दारों के साथ-2
कांग्रेस का हाथ गद्दारों के साथ !
सच कहें तो गद्दारों की इस पार्टी में सुधार की अब कोई उम्मीद नजर नहीं आती। हमारा मानना था कि निचले सतर पर कॉंग्रेस में वेहद देशभक्त कार्यकरता हैं जिसका प्रभाब पहली पंक्ति के हिन्दूविरोधी-देशविरोधी नेताओं पर एक न एक दिन जरूर पढ़ेगा ।
लेकिन लगता है कि विदेशी इसाई मिसनरी विषकन्या के कांग्रेस पर कब्जे के बाद ऐसा होना लगभग नामुकिन सा हो गया है। जिस गद्दारी की शुरूआत इस भारत विरोधी की गुलाम...

शत्रु संपत्ति विधेयक-2010, कांग्रेस का हाथ गद्दारों के साथ-1
मुस्लिम सांसदों के दबाव में शत्रु संपत्ति (संसोधन एवं विधिमान्यकरण) विधेयक-2010 में संसोधन स्वीकृत इस देश की राजनीति में घुन लग गया है। राष्ट्रहित उसने खूंटी से टांग दिए हैं। इस देश की सरकार सत्ता प्राप्त करने के लिए कुछ भी कर सकती है। अधिक समय नहीं बीता था जब केन्द्र सरकार ने कश्मीर के पत्थरबाजों और देशद्रोहियों को करोड़ों का पैकेज जारी किया। वहीं वर्षों से टेंट में जिन्दगी बर्बाद कर रहे कश्मीरी पंडि़तों के हित की चिंता...

कश्मीर समस्या गलती किसकी
कश्मीर में शंाति बहाली के लिए अनुच्छेद 370 निरस्त करना जरूरी है।कश्मीर रह-रह कर विगत 6 दशकों से अधिक समय से आग की तरह जल रहा है। नब्बे के दशक में (1990-92) तक इस राज्य में स्थिति इतनी विस्फोटक होगी कि वहाॅ के अल्पसंख्यक हिन्दुओं (कश्मीरी पंडित) को राज्य से पलायन करना पड़ा जिनकी सख्या लगभग 4 से 5 लाख के बीच बतायी जाती है। विगत 20 वर्षों से अपने ही देश में दर-दर भटक (शणार्थी बनकर) रहें है। 90 से अब तक इनका हल लेने वाला कोई...
